चंडीगढ़

पंजाब राजभवन में मिलेट्स लंच के साथ हुई ‘अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष 2023’ की शुरूआत

चंडीगढ़, 2 जनवरीः‘अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष (आई.एम.वाई.) – 2023’ के शुभारंभ के अवसर पर पंजाब राजभवन ने शहर के विशिष्ट वर्ग के लिए मिलेट्स लंच का आयोजन किया।

इस दौरान नवगठित प्रशासक सलाहकार परिषद के सदस्यों सहित शहर के जाने-माने लोग, नौकरशाह, राजनेता, उद्योगपति, डॉक्टर, शिक्षाविद और मीडिया को मिलेट्स से तैयार व्यंजनों का लुत्फ उठाते देखा गया। मिलेट्स से तैयार मीठे व्यंजन, विशेष रूप से लिटल मिलेट खीर (कुटकी की खीर), रागी हलवा और स्टीम्ड रागी गुलगुले महमानों को खूब पसंद आए।

मिलेट्स लंच के अवसर पर मीडिया से बात करते हुए पंजाब के राज्यपाल और यू.टी., चंडीगढ़ के प्रशासक श्री बनवारीलाल पुरोहित ने बताया कि मिलेट्स को बढ़ावा देना भारत के पोषण कार्यक्रमों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। मिलेट्स ‘स्मार्ट फूड’ हैं क्योंकि इनकी खेती करना आसान है, ये ज्यादातर जैविक हैं और इनमें उच्च पोषण मूल्य होते हैं। मिलेट्स उपभोक्ताओं, किसानों और जलवायु के लिए अच्छे हैं। बनवारीलाल पुरोहित ने कहा कि मिलेट जागृति पैदा करना अनिवार्य है। उन्होंने मिलेट्स को दैनिक आहार में शामिल करने और इसके लाभों पर प्रकाश डालते हुए पूरे शहर में जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। राज्यपाल ने सभी से अपनी रसोई से शुरूआत करते हुए मिलेट्स को लोकप्रिय बनाने का आह्वान किया।

श्री पुरोहित ने चंडीगढ़ में मिलेट्स को लोकप्रिय बनाने हेतु की गई पहलकदमियों संबंधी बताया किः

ज्वार और बाजरा को सभी 450 आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों के लिए पूरक पोषाहार कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इसके अन्तर्गत वर्तमान में लाभार्थियों को मिलेट्स से तैयार खिचड़ी एवं दलिया परोसा जा रहा है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियमित रूप से मिलेट्स से तैयार व्यंजनों के प्रदर्शन स्टॉल लगाकर विभिन्न समुदायों के सदस्यों को संगठित कर रही हैं।

‘पोषण माह, 2022’ के दौरान, मिलेट्स से तैयार व्यंजनों को प्रदर्शित करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में 200 से अधिक जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया।

चंडीगढ़ प्रशासन का सामाजिक कल्याण विभाग पीजीआईएमईआर, होम साइंस कॉलेज, डायटिशियन जीएमएसएच-16, जीएमसीएच-32 चंडीगढ़ के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि लाभार्थियों को उनके दैनिक आहार में मिलेट्स को शामिल करने हेतु जागरूक किया जा सके। इस उद्देश्य के लिए, विभिन्न होटल प्रबंधन संस्थानों के रसोइयों ने लाभार्थियों के सामने मिलेट्स से तैयार व्यंजनों को पेश किया।

नियमित आहार में मिलेट्स के उपयोग संबंधी जनता के बीच जागरूकता फैलाने के लिए शहर में मिलेट्स के उपभोग को बढ़ावा देने हेतु ‘‘चंडीगढ़ मिलेट्स मिशन’’ शुरू किया गया और ऐसा करने वाला चंडीगढ़ उत्तर भारत का पहला शहर बन गया है। इस अभियान के तहत, पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों के सभी सर्किलों में ज्वार, रागी, कोदो बाजरा, छेना बाजरा जैसे मिलेट्स से तैयार व्यंजनों के प्रदर्शन के लिए लाइव किचन सत्र जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

इसके अलावा इस कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों के बीच ई-गोष्ठी, अम्मा/बाबा की रसोई – पाक प्रतियोगिताएं, ई-क्विज के इंटरैक्टिव सेशन भी आयोजित किए जा रहे हैं।

यू.टी. गेस्ट हाउस में मिलेट थाली और मिलेट स्नैक्स (कबाब/कटलेट) वाले मिलेट्स मेन्यू की शुरूआत की गई है।

मिलेट्स के उपयोग में वृद्धि से न केवल पोषण की स्थिति में सुधार सुनिश्चित होगा, बल्कि इससे जलवायु परिवर्तन से लड़ने में भी मदद मिलेगी क्योंकि ये परिस्थिति अनुकूल फसलें हैं और जितना समय गेहूं को पकने में लगता है उसके आधे समय में ये तैयार हो जाती हैं, इसके प्रसंस्करण के लिए 40 प्रतिशत कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है, और धान के मुकाबले 70 प्रतिशत कम पानी का उपयोग करती हैं।

जलवायु परिवर्तन, पानी की कमी और सूखे की परिस्थितियों के चलते, ये स्थायी खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए उच्च पोषण गुण के साथ वन-स्टॉप सोल्यूशन प्रदान करती हैं।

 इस अवसर पर उपस्थित लोगों में प्रमुख रूप से श्रीमती सरबजीत कौर, मेयर, नगर निगम चंडीगढ़, श्री सत्यपाल जैन, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल, भारत सरकार, श्री वी.के. जंजुआ, मुख्य सचिव, पंजाब, श्रीमती राखी गुप्ता भंडारी, प्रधान सचिव, राज्यपाल, पंजाब, श्री धर्मपाल, सलाहकार, प्रशासक यू.टी. चंडीगढ़ और श्री प्रवीर रंजन, डीजीपी शामिल थे।

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