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अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय के खालसा कॉलेज में गुरुमुखी लिपि केंद्र की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की

विश्वविद्यालय विषय वस्तु विशेषज्ञता के साथ सहयोग करेगा और गुरुमुखी अध्ययन में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम, डिप्लोमा पाठ्यक्रम तथा पीएचडी कार्यक्रमों सहित सभी आवश्यक पाठ्यक्रमों के लिए पाठ्यचर्या दिशानिर्देश व पठन-पाठन सामग्री विकसित करेगा

विश्वविद्यालय गुरुमुखी के अध्ययन हेतु पाठ्यक्रमों के शिक्षण कार्यक्रम में शामिल सभी संकाय सदस्यों के लिए उनके शैक्षणिक कौशल एवं विषय ज्ञान को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित करेगा

‘विरासत से विकास’ और ‘विरासत से संवर्धन’ की भावना में माननीय प्रधानमंत्री के ‘पंच प्रण’ से प्रेरित अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय के खालसा कॉलेज में 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले गुरुमुखी लिपि के केंद्र की स्थापना को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने न केवल उच्च शिक्षा के लिए एक विषय के रूप में बल्कि अल्पसंख्यक समुदायों की विरासत एवं संस्कृति को संरक्षित करने के उद्देश्य के साथ गुरुमुखी भाषा को पुनः प्रचलित करने की बढ़ती मांग तथा इसकी आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित करते हुए और गुरुमुखी अध्ययन के क्षेत्र में शिक्षा व अनुसंधान को बढ़ावा देने के महत्व को पहचानते हुए, अपनी योजना अर्थात प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय के खालसा कॉलेज में ‘गुरुमुखी लिपि केंद्र’ की स्थापना के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

इस केंद्र को स्थापित करने का उद्देश्य भारत में अल्पसंख्यक समुदायों के लिए शैक्षिक अवसरों को बढ़ाने के लक्ष्य के साथ विश्वविद्यालय और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के बीच सहयोग की सुविधा प्रदान करना होगा। इस पहल से विशेष रूप से गुरुमुखी अध्ययन के क्षेत्र में, स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी और अनुसंधान कार्यक्रमों को शुरू करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे की स्थापना तथा सशक्तिकरण के माध्यम से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इसके अलावा, विश्वविद्यालय विषय वस्तु विशेषज्ञता के साथ सहयोग करेगा और अल्पसंख्यक विद्यार्थियों की अवश्यकताओं एवं हितों को पूरा करने के लिए गुरुमुखी अध्ययन में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम, डिप्लोमा पाठ्यक्रम तथा पीएचडी कार्यक्रमों सहित सभी आवश्यक पाठ्यक्रमों के लिए पाठ्यचर्या दिशानिर्देश व पठन-पाठन सामग्री विकसित करेगा।

विश्वविद्यालय गुरुमुखी के अध्ययन हेतु पाठ्यक्रमों के शिक्षण कार्यक्रम में शामिल सभी संकाय सदस्यों के लिए उनके शैक्षणिक कौशल एवं विषय ज्ञान को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित करेगा। विश्वविद्यालय गुरुमुखी अध्ययन से संबंधित अनुसंधान परियोजनाओं पर विषय वस्तु विशेषज्ञता के साथ सहयोग करेगा, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों को अंतःविषय अनुसंधान करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा, जिनका संस्कृति एवं भाषा की समझ व संरक्षण में विशिष्ट योगदान होता है।

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