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पीजीआई में र्ती महिला को जहरीला इंजैक्शन लगाने की साजिश सके भाई ने रची थी, पुलिस ने भाई, एक युवती सहित चार को दबोचा

चंडीगढ़, 21 नवंबर: पीजीआई में बीमारी से ग्रस्त भर्ती महिला को जहरीला इंजैक्शन लगाने की साजिश किसी और ने नहीं बल्कि उसे सगे भाई ने ही रची थी। उसने ही एक युवती को अपनी बहन को इंजैक्शन लगाने के लिए पीजीआई में भेजा था, जिसने पहले रैकी करने के बाद वहां भर्ती महिला को जहरीला इंजैक्शन लगा दिया। इस केस में पुलिस ने पीड़ित महिला के भाई, इंजैक्शन लगाने वाली युवती सहित चार लोगों को पंजाब के अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया है। वहीं महिला की हालत पीजीआई में अभी भी गंभीर बनी हुई है। महिला अभी वैंटीलेटर पर ही है।
मंगलवार को एसएसपी यूटी कंवरदीप कौर व एसएचओ-11 मलकीत सिंह ने बताया कि 15 नवंबर की रात करीब 11 बजे 24 वर्षीय महिला को उसी के सगे भाई ने जहरीला इंजेक्शन लगवाया था। आरोपी भाई अपनी बहन की गुरविंदर से पिछले वर्ष सितंबर में हुए अंतरजातीय विवाह से गुस्से में था। वह लगातार गुरविंदर और अपनी बहन को जान से मारने की धमिकयां दे रहा था। सैक्टर-11 थाना पुलिस ने इस वारदात में मरीज हरमीत कौर के 23 वर्षीय भाई राजपुरा निवासी जसमीत सिंह, इंजेक्शन लगाने वाली संगरूर की 20 वर्षीय जसप्रीत कौर, इंजेक्शन मुहैया करवाने वाले राजपुरा के 38 वर्षीय बूटा सिंह और पटियाला के 25 वर्षीय मंदीप सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इंजेक्शन लगाने वाली जसप्रीत कौर पेशेंट केयर/हेल्पर के रूप में काम करती थी। ऐसे में उसे इंजेक्शन लगाने की पूरी जानकारी उसे थी। उसने पीजीआई में हरमीत कौर की रैकी करते हुए इस वारदात को अंजाम दिया। उसे पुलिस ने संगरूर से गिरफ्तार किया। वहीं बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी पंजाब के जिला पटियाला से हुई। जसप्रीत कौर दो दिनों के रिमांड पर है और बाकी आरोपियों को बुधवार अदालत में पेश किया जाएगा। मामले की जांच के लिए सैक्टर-11 थाना एसएचओ मलकीत सिंह के नेतृत्व में और पीजीआई चौकी प्रभारी की सुपरविजन में एक विशेष टीम बनाई गई थी।  बूटा सिंह ड्राइवर का काम करता था। वहीं मंदीप पेशेंट केयर/हेल्पर था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इन दोनों ने एक अस्पताल में अपने जानकारों के जरिए जहरीले इंजेक्शन का प्रबंध किया था। यह भी जसमीत के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। एसएसपी ने कहा है कि वह पता लगा रहे हैं कि हरमीत को कौन सा इंजेक्शन दिया गया था। आरोपियों के रिमांड और पीजीआई की जांच में इसका खुलासा होगा। पुलिस ने मामले की शुरूआत में गैर-इरादतन हत्या के प्रयास की धारा में मामला दर्ज किया था। वहीं अब अन्य आपराधिक धाराएं भी मामले में जोड़ी जाएंगी।
मामला
7 नवंबर को पीजीआई में 23 साल की हरमीत कौर को भर्ती कराया गया था। 4 नवंबर को डिलीवरी के दौरान गंभीर संक्र मण के चलते पीजीआई रेफर करने से पहले ही उसका डायलिसिस हो चुका था। पीजीआई में रक्तस्राव को नियंत्रित किया गया, उसे आईसीयू में स्थानांतरित किया गया और डायलिसिस किया गया। 15 नवंबर को रात के समय एक अज्ञात महिला हरमीत कौर को इंजैक्शन लगाकर वहां से रफुचक्कर हो गई थी। इंजैक्शन लगने के बाद हरमीत की तबीयत और बिगड़ने लगी और बाद में पता चला कि किसी ने उसे जहरीला इंजैक्शन लगाया था। इस मामले की जांच पुलिस के साथ-साथ पीजीआई भी कर रहा है।

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